दिल्ली की रैली पर भाजपा प्रदेश प्रवक्ता यशपाल का कांग्रेस पर तंज, बोले- सदमे में है कांग्रेस, आक्रोश में है कांग्रेस
भोपाल/मंदसौर। दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित कांग्रेस की रैली को लेकर अब सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक यशपालसिंह सिसोदिया ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए रैली को फ्लॉप शो करार दिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ष्भीड़ लाने वाले भी नहीं आए और न ही भीड़ आई। सदमे में है कांग्रेस, आक्रोश में है कांग्रेस।
भाजपा प्रवक्ता ने यशपालसिंह सिसोदिया कहा कि दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित रैली के बाद देशभर में युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों को निष्कासित किया जाना इस बात को लेकर सवाल खड़े करता है कि आखिर रैली में अपेक्षित भीड़ क्यों नहीं जुट पाई। उन्होंने कांग्रेस के संगठनात्मक प्रबंधन और पदाधिकारियों की भूमिका पर भी कटाक्ष किया।
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215 से अधिक पदाधिकारियों पर कार्रवाई, मध्यप्रदेश में 60 निलंबित
भाजपा प्रवक्ता का यह बयान ऐसे समय आया है, जब दिल्ली में 1 नवंबर को आयोजित रैली में अनुपस्थिति को लेकर युवा कांग्रेस ने देशभर में 215 पदाधिकारियों को निलंबित किया है। द ट्रिब्यून की 5 नवंबर की रिपोर्ट के अनुसार, इनमें मध्यप्रदेश के 60, गुजरात के 49, झारखंड के 32, पश्चिम बंगाल के 26, तेलंगाना के 14, हिमाचल प्रदेश के 13, उत्तर प्रदेश मध्य के 11 और हरियाणा के 10 पदाधिकारी शामिल हैं।
मध्यप्रदेश में निलंबित पदाधिकारियों में 5 प्रदेश उपाध्यक्ष, 14 प्रदेश महासचिव, 32 प्रदेश सचिव और 9 जिला अध्यक्ष शामिल हैं। संगठन ने उनकी अनुपस्थिति को अनुशासनहीनता मानते हुए कार्रवाई की है।
रैली में डिजिटल उपस्थिति व्यवस्था भी बनी चर्चा का विषय
रैली से पहले युवा कांग्रेस ने पदाधिकारियों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए मिंटो रोड पर बारकोड स्कैनर लगाए थे। साथ ही आधिकारिक मोबाइल ऐप के माध्यम से पंजीयन की व्यवस्था की गई थी। एक निजी टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, युवा कांग्रेस ने लगभग 15 हजार कार्यकर्ताओं के जुटने की बात कही, जबकि ऐप पर 2,831 पंजीयन दर्ज हुए। संगठन की ओर से तकनीकी जानकारी की कमी और कमजोर इंटरनेट कनेक्टिविटी को भी कम पंजीयन के संभावित कारणों में बताया गया।
कार्रवाई पर कांग्रेस के भीतर भी उठे सवाल
दूसरी ओर, निलंबित युवा कांग्रेस पदाधिकारियों में से कुछ ने अपनी अनुपस्थिति के पीछे पारिवारिक कार्यक्रम, बीमारी और शोक जैसे कारण बताए हैं। कुछ नेताओं ने यह भी दावा किया कि उन्हें अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला।
भाजपा ने साधा कांग्रेस पर निशाना
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक यशपालसिंह सिसोदिया ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि रैली में भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी संभालने वाले पदाधिकारी ही नहीं पहुंचे। उन्होंने कहा कि रैली के बाद देशभर में युवा कांग्रेस पदाधिकारियों पर निलंबन की कार्रवाई होना कांग्रेस की अंदरूनी स्थिति पर सवाल खड़े करता है।
बतादें, अब दिल्ली की रैली के बाद शुरू हुई संगठनात्मक कार्रवाई राजनीतिक बहस का विषय बन गई है। भाजपा इसे कांग्रेस की संगठनात्मक कमजोरी से जोड़कर देख रही है, वहीं युवा कांग्रेस नेतृत्व इसे अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की कार्रवाई बता रहा है।