टीनशेड की गुणवत्ता पर सवालः बिल में 60 एमएम की चादर, मौके पर 40 एमएम भी नहीं..! भानपुरा जनपद क्षेत्र की ग्राम पंचायत रायपुरिया में टीनशेड के फर्जी बिलों से शासकीय राशि के गबन का आरोप
Madhya Pardesh/ मंदसौर। भानपुरा जनपद क्षेत्र की ग्राम पंचायत रायपुरिया में शासन की योजना के तहत लगाए गए टीनशेड की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को शिकायत प्रस्तुत कर जांच की मांग की है। ज्योति केवट सरपंच है और सरपंच प्रतिनिधी तुफान केवट द्वारा एई विषाल उदीवाल और पंचायत इंस्पेक्टर बालाराम कछावा से बड़े मुधर संबंध है। ग्रामीणों का आरोप है कि टीनशेड के बिल में 60 एमएम की नालीदार चादर लगाए जाने का उल्लेख है, जबकि मौके पर लगाया गया टीनशेड निर्धारित मापदंड के अनुरूप नहीं है। शिकायत में कहा गया है कि मौके पर लगी चादर 40 एमएम की भी नहीं है और नालीदार भी नहीं है। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि घटिया निर्माण के कारण टीनशेड तेज हवा में क्षतिग्रस्त होकर उड़ सकता है। महेश केवट, सुन्दरलाल, प्रहलाद, अनिल, प्रकाशचंद्र, नंदलाल, लीलाराम, लालचंद, परमेश, नागेश सहित शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि बिल में दर्शाई गई सामग्री और मौके पर किए गए कार्य में अंतर है, जिससे शासकीय राशि के दुरुपयोग एवं भ्रष्टाचार की आशंका है। उन्होंने टीनशेड का मौके पर भौतिक सत्यापन करवाकर जांच करने तथा दोषी पाए जाने वाले जिम्मेदारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
फर्जी बिलों से राशि गबन का भी आरोप
ग्राम पंचायत रायपुरिया के ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत में अन्य कार्यों के नाम पर भी कथित रूप से फर्जी बिल लगाए जाने और शासकीय राशि के गबन का आरोप लगाया है। शिकायत में पंचायत के विभिन्न कार्यों एवं भुगतान की भी जांच कराने की मांग की गई है। ग्रामीणों के अनुसार, इस संबंध में 2 सितंबर 2026 को जनपद पंचायत भानपुरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को लिखित शिकायत दी गई थी। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर कई बार लिखित एवं मौखिक रूप से शिकायत की गई। इसके अलावा 29 सितंबर 2026 को मंदसौर स्थित कार्यालय में भी लिखित शिकायत प्रस्तुत की गई। ग्रामीणों ने पुनः कलेक्टर एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को आवेदन देकर ग्राम पंचायत रायपुरिया में लगाए गए टीनशेड सहित अन्य कार्यों की निष्पक्ष जांच, भौतिक सत्यापन और अनियमितता पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ दण्डात्मक कार्रवाई की जाने की मांग है।
