ब्रेकिंग
मंदसौर जिले में अवैध शराब के खिलाफ पुलिस कार्रवाई; दो महिलाओं सहित छः आरोपी कपड़ाएं, सड़क हादसे में यु... दशहरा पर रावण की पूजा होगी, मंदसौर रावण की पत्नी मंदोदरी का मायका, दामाद मानकर महिलाएं करती हैं घूं... विजयादशमी पर्व-शस्त्र-पूजन सुरक्षा और स्वतंत्रता के प्रति सम्मान का प्रतीक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव / प... अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर 5 राउंड फायरिंग वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद, 3 अज्ञात आरोपियों के ख... मंदसौर जिले में अवैध शराब के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई, छह मामलों में शराब जब्त; चाकूबाजी के मामले में... ग्वालियर हादसे में बड़ी कार्रवाईः CSP हटाए गए, 3 थाना प्रभारी समेत 8 पुलिसकर्मी निलंबित मंदसौर में अवैध शराब पर शिकंजे की तैयारी, पिछले माह कलेक्टर के दो पत्रों से प्रशासन सक्रिय, 8 आबकारी... मंदसौर जिले में अवैध शराब के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई, पांच थाना क्षेत्रों में 6 प्रकरण दर्ज मंदसौरः मलेरिया के बढ़ते मामलों पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, 643 घरों का सर्वे; 28 लोग मिले पॉजिटिव दुर्गा अष्टमी 2026ः 19 अक्टूबर को मनाई जाएगी महाष्टमी, जानें तिथि और शुभ मुहूर्त

मध्य प्रदेश में ग्रामीणों को बड़ी राहतः अब तहसीदार और नायब तहसीलदार भी कर सकेंगे जमीन की रजिस्ट्री, 48 लाख परिवारों को मिलेगा लाभ

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन की रजिस्ट्री प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। अब तहसीलदार, प्रभारी तहसीलदार और नायब तहसीलदार भी जमीन की रजिस्ट्री कर सकेंगे। पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है।

सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को संपत्ति का मालिकाना हक आसानी से उपलब्ध कराना और रजिस्ट्री प्रक्रिया में लगने वाले समय को कम करना है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद ग्रामीणों को केवल उप पंजीयक कार्यालयों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

 

तहसीलदारों को मिले उप पंजीयक के अधिकार

राज्य सरकार ने तहसीलदार, प्रभारी तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को उप पंजीयक के अधिकार प्रदान किए हैं। अब ये अधिकारी अपने क्षेत्र में भूमि पंजीयन की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। इससे ग्रामीण इलाकों में लंबित रजिस्ट्री मामलों का तेजी से निराकरण हो सकेगा।

 

स्वामित्व योजना-2026 के तहत लागू हुई व्यवस्था

यह निर्णय “स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026” के तहत लिया गया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस योजना को मंजूरी दी गई थी। योजना के अंतर्गत ग्रामीण आबादी की भूमि की रजिस्ट्री पर स्टांप शुल्क और पंजीयन शुल्क पूरी तरह माफ करने का निर्णय भी लिया गया है।

इसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को उनकी आबादी भूमि का कानूनी मालिकाना हक दिलाना और उन्हें संपत्ति के प्रमाणिक दस्तावेज उपलब्ध कराना है।

 

48 लाख से अधिक परिवारों को मिलेगा लाभ

सरकार के अनुसार प्रदेश में आबादी भूमि पर निवास करने वाले 48 लाख से अधिक परिवारों को इस योजना का लाभ मिलेगा। नई व्यवस्था से लोगों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी और रजिस्ट्री प्रक्रिया कम समय में पूरी हो सकेगी।

 

पंचायत उपकर का खर्च उठाएगी सरकार

कैबिनेट ने पंचायत उपकर की राशि राज्य सरकार द्वारा पंचायतों को उपलब्ध कराने का निर्णय भी लिया है। साथ ही पंचायत उपकर माफ करने को मंजूरी दी गई है। इससे ग्रामीण परिवारों पर आर्थिक भार कम होगा। सरकार पर इस निर्णय से लगभग 3,800 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा।

Leave A Reply

Your email address will not be published.