भोपाल, 1 जून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई प्रधानमंत्री स्वनिधि (पीएम स्वनिधि) योजना के छह वर्ष पूर्ण होने पर इसे देश के छोटे व्यापारियों और रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया गया है।
केन्दीय मंत्री शिवराजसिंह चौहान के अनुसार योजना ने लाखों स्ट्रीट वेंडर्स और लघु व्यापारियों को बिना गारंटी ऋण, डिजिटल लेन-देन की सुविधा तथा सम्मानजनक आजीविका के अवसर उपलब्ध कराकर आत्मनिर्भर बनने का मार्ग प्रशस्त किया है। इससे न केवल छोटे कारोबारियों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि उन्हें मुख्यधारा की वित्तीय व्यवस्था से भी जोड़ा गया है।
प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना को गरीब कल्याण और सामाजिक समावेशन का प्रभावी माध्यम बताते हुए कहा गया कि यह केवल ऋण उपलब्ध कराने की योजना नहीं, बल्कि वर्षों से उपेक्षित वर्ग को सम्मान और अवसर देने का अभियान है। योजना के माध्यम से लाखों परिवारों को नया आत्मविश्वास मिला है और उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने और छोटे व्यापारियों को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने में भी इस योजना की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। यही कारण है कि पीएम स्वनिधि आज आत्मनिर्भर भारत अभियान का एक मजबूत स्तंभ बनकर उभरी है।
देशभर में योजना के छह वर्ष पूरे होने के अवसर पर इसके लाभार्थियों की सफलता की कहानियों को भी साझा किया जा रहा है, जो इस पहल के व्यापक प्रभाव को दर्शाती हैं। पीएम स्वनिधि योजना लाखों परिवारों के लिए विश्वास, सम्मान और आर्थिक आत्मनिर्भरता का नया आधार बन चुकी है।