मध्य प्रदेश कांग्रेस ने 7 मई 2026 को आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे यानी कि एनएच-3 सहित कई प्रमुख मार्गों पर विशाल चक्का जाम किया
भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस ने 7 मई 2026 को आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे यानी कि एनएच-3 सहित कई प्रमुख मार्गों पर विशाल चक्का जाम किया है। किसानों को गेहूं का वाजिब समर्थन मूल्य नहीं मिलने और खरीदी में देरी के आरोपों को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति एक बार फिर सड़कों पर आ गई. “चक्का जाम” के तहत बुधवार को प्रदेश कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में गुरूवार को आगरा-मुंबई हाईवे पर धार जिले के खलघाट से लेकर मुरैना तक 580 किलोमीटर के दायरे में 7 स्पॉट्स पर चक्काजाम किया। कांग्रेस ने शाजापुर के रोजवास टोल प्लाजा, ग्वालियर के निरवाली तिराहे, इंदौर बायपास, महू, मुरैना, शिवपुरी, गुना सहित कई जिलों में आंदोलन किया और हाईवे जाम किया। इस दौरान कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प भी हुई। आंदोलन के दौरान एक पूर्व विधायक और एक महिला नेत्री की तबियत खराब होने की खबर भी सामने आ रही है।
वही दुसरी और भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता धैर्यवर्धन शर्मा ने कहा कि सरकार के मुखिया डॉ मोहन यादव किसानों के साथ हैं। अभी तक लगभग पचास लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। इस खरीद पर 10 लाख से अधिक किसानों को लगभग 8 हजार करोड़ रुपए दिए जा चुके हैं। किसान किसी प्रकार की हड़बड़ी न करें, इसके लिए गेहूं खरीद पंजीयन की तारीख बढ़ाकर 23 मई कर दी गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस गेहूं खरीदी को लेकर भ्रम फैलाकर प्रदेश में अराजकता पैदा करना चाहती है। किसान कांग्रेस के मंसूबों को समझता है।
कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश में गेहूं की समर्थन मूल्य पर खरीदी बेहद धीमी हैण् खरीदी का प्रतिशत सीमित रहने से किसान बाजार में कम दाम पर फसल बेचने को मजबूर हो रहे हैंण् पार्टी का दावा है कि मार्च के मध्य से खरीदी शुरू होती तो किसान समय पर अपनी उपज बेच पाता और भीषण गर्मी में भटकने की नौबत नहीं आती।
आंदोलन में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित कई जिलों से विधायक सहित बड़े नेता और सैकड़ों कार्यकर्ता भी शामिल हुए। चार घंटे बाद कलेक्टर को ज्ञापन सौपने के बाद आंदोलन समाप्त हुआ लेकिन प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन का रुख आने वाले दिनों में और उग्र होगा। कांग्रेस के इस महाचक्काजाम के कारण ग्वालियर से इंदौर तक करीब 700 किलोमीटर लंबे आगरा-मुंबई हाईवे पर यातायात प्रभावित रहा। कई स्थानों पर ट्रक, बसें और निजी वाहन घंटों फंसे रहे। यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
कांग्रेस और किसान संगठनों ने मिलकर इस आंदोलन की रणनीति तैयार की है। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के अनुसार गुरुवार सुबह 11 बजे से प्रदेश के अलग-अलग जिलों में कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। आंदोलन के कारण आगरा और मुंबई के बीच यातायात प्रभावित हुआ है। जीतू पटवारी ने सरकार पर चुनावी वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने चुनाव के दौरान किसानों को गेहूं का समर्थन मूल्य 2700 रुपये प्रति क्विंटल देने का वादा किया था, लेकिन फिलहाल किसानों को केवल 2625 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहे हैं।