ब्रेकिंग
अप्रैल 2026 से घरेलू उपभोक्ता (150-300 यूनिट मासिक खपत) के बिल में 150-300 रुपये प्रतिमाह और सालाना ... एक गैस सिलेंडर ब्लैक में 1800 रू में देने वाली मंदसौर की द्वारका इण्डेन गैस एजेंसी सील, भृष्ट संचालक... मंदसौर पुलिस, थाना नारायणगढ़ द्वारा तरबुज की ट्रक से कुल 85 किलो डोडाचूरा जप्त, अन्तर्राज्यीय तस्कर क... म.प्र. नदियों का मायका, प्रदेश में 19 मार्च से शुरू होगा जल गंगा संवर्धन अभियान-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन... अफीम डोड़े मुखिया की निगरानी में तुड़वाने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू होगी-राज्यसभा सदस्य श्री गुर्जर, डीए... पोस्टमार्टम रूम के बाहर 20×30 फीट का विशाल शेड बनाया, रेडक्रॉस सोसाइटी नरसिंहगढ़ के अध्यक्ष एवं अनुवि... बस्तर जिला प्रशासन ने एलपीजी गैस की कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए बड़ी संख्या म... बिना वैध लाइसेंस के पशु मांस और मछली की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक, उल्लंघन पर धारा 223 के तहत द... डीजीपी इलेवन ने जिला पुलिस बल भोपाल को 121 रनों से पराजित कर खिताब अपने नाम किया। डीजीपी इलेवन टीम न... युवा वकीलों को वरिष्ठों के मार्गदर्शन में समय बिताना चाहिए, न कि केवल प्रचार पाने के लिए अदालत का सम...

अप्रैल 2026 से घरेलू उपभोक्ता (150-300 यूनिट मासिक खपत) के बिल में 150-300 रुपये प्रतिमाह और सालाना 3600 रुपये तक की अतिरिक्त राशि जुड़ सकती है।

भोपाल । मध्य प्रदेश के डेढ़ करोड़ से अधिक बिजली उपभोक्ताओं को अप्रैल से महंगे बिजली बिल का सामना करना पड़ सकता है। मध्य प्रदेश पॉवर मैनेजमेंट कंपनी ने राज्य विद्युत नियामक आयोग को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बिजली दरों में 10.20 प्रतिशत की वृद्धि का प्रस्ताव सौंपा है।

यदि यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है, तो 1 अप्रैल 2026 से नई दरें लागू हो जाएंगी। बिजली कंपनियों का दावा है कि उन्हें पिछले वित्तीय वर्ष में6044 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है, जिसकी भरपाई के लिए यह बढ़ोतरी जरूरी है। कंपनियों ने आयोग से इस घाटे को रिकवर करने की अनुमति मांगी है।

पिछले साल बिजली दरों में केवल 3.46 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी की गई थी, जबकि कंपनियों ने तब 7.52 प्रतिशत की मांग की थी। अब प्रस्तावित 10.20 प्रतिशत की वृद्धि उपभोक्ताओं के लिए बड़ा झटका साबित हो सकती है। औसत घरेलू उपभोक्ता (150-300 यूनिट मासिक खपत) के बिल में 150-300 रुपये प्रतिमाह और सालाना 3600 रुपये तक की अतिरिक्त राशि जुड़ सकती है। ज्यादा खपत (400 यूनिट+) वाले परिवारों का बिल 400-600 रुपये तक बढ़ सकता है।

जनसुनवाई में जोरदार विरोध मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने फरवरी में तीनों विद्युत वितरण कंपनियों (पूर्व, पश्चिम और मध्य क्षेत्र) के क्षेत्रों में जनसुनवाई की, जहां उपभोक्ताओं और संगठनों ने बिजली महंगी करने का जमकर विरोध किया। लोग सवाल उठा रहे हैं कि कंपनियां अपना घाटा क्यों उपभोक्ताओं पर डाल रही हैं, जबकि पहले से ही प्रदेश में बिजली दरें पड़ोसी राज्यों से महंगी हैं। नियामक आयोग अब सभी दावे-आपत्तियों की जांच के बाद अंतिम टैरिफ ऑर्डर जारी करेगा, जो अगले सप्ताह (मार्च के अंत तक) आने की संभावना है। NEWS Copy@EMS

Leave A Reply

Your email address will not be published.