इंदौर में दूषित पेयजल प्रदाय से हुई दुखद घटना के संबंध में जिम्मेदार अधिकारियों पर होगी कड़ी कार्रवाई,पूरे प्रदेश की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश जारी-उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा
भोपाल। मध्यप्रदेश, शासन, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने बताया की इंदौर में दूषित पेयजल प्रदाय से हुई दुखद घटना के संबंध में जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने के उपरांत प्रदेश के अन्य स्थानों के लिए भी हम सुधारात्मक कदम उठा रहे हैं। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्यक्रम बनाने के निर्देश दिए हैं। इस दृष्टि से सभी 16 नगर निगमों के महापौर, अध्यक्ष तथा आयुक्त एवं जिला कलेक्टर, स्वास्थ्य विभाग, नगरीय विकास विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग व अन्य संबंधित मुख्यालय स्तर के अधिकारियों की आज सायं वर्चुअल बैठक बुलाई है, जिसमें पूरे प्रदेश की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।
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मध्यप्रदेश की पुर्व मुख्यमंत्री सुश्री उमाभारती ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से कड़ी कार्रवाई की मांग की। 
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल त्रासदी पर पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने अपनी ही पार्टी की सरकार को नसीहत दी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से कड़ी कार्रवाई की मांग की।
सिर्फ इंदौर के मेयर नहीं, मध्य प्रदेश का शासन एवं प्रशासन, इस महापाप के सभी जिम्मेवार लोग जनता के प्रति अपराध के कटघरे में खड़े हैं।
मेरी ‘X’ पर प्रतिक्रिया के बाद मीडिया के पत्रकार भाई बहनों से नहीं मिल पाने के लिए क्षमा मांगती हूं, अभी 3 दिन पहले मेरी दाईं आंख की सर्जरी (ऑपरेशन) हुई है, मोबाइल, फोन पर बात करना, धूप, धूल सब पर रोक लगी है, अभी 7 दिन बाहर नहीं निकलना, ना मुलाकात कर पाना है, क्षमा मांगती हूं।
उमा भारती ने कहा कि दो लाख रुपये मुआवजा जिंदगी की कीमत नहीं है, और इस पाप का प्रायश्चित करना होगा। उन्होंने दोषियों को अधिकतम दंड देने पर जोर दिया।

देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल से उपजी त्रासदी को लेकर लोग आक्रोशित हैं, वहीं इस मुद्दे पर सियासत भी गरमा रही है। प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की तेजतर्रार नेत्री उमा भारती भी इस मुद्दे को लेकर मुखर हुई हैं और उन्होंने अपनी ही पार्टी की सरकार में जिम्मेदार पदों पर बैठे लोंगों पर निशाना साधते हुए उनसे तीखे सवाल पूछे हैं। वहीं सीएम डॉ. मोहन यादव से इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
उमा भारती ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट करते हुए लिखा कि साल 2025 के अंत में इंदौर में गंदे पानी पीने से हुई मौतें हमारे प्रदेश, हमारी सरकार और हमारी पूरी व्यवस्था को शर्मिंदा और कलंकित कर गईं। प्रदेश के सबसे स्वच्छ शहर का अवार्ड प्राप्त करने वाले नगर में इतनी बदसूरती, गंदगी, जहर मिला पानी जो कितनी जिंदगियों को निगल गया और निगलता जा रहा है, मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है। जिंदगी की कीमत दो लाख रुपए नहीं होती क्योंकि उनके परिजन जीवन भर दुःख में डूबे रहते हैं। इस पाप का घोर प्रायश्चित करना होगा, पीडितजनों से माफी मांगनी होगी और नीचे से लेकर ऊपर तक जो भी अपराधी हैं उन्हें अधिकतम दंड देना होगा। यह मोहन यादव जी की परीक्षा की घड़ी है। उमा भारती ने आगे लिखा कि इंदौर दूषित पानी के मामले में यह कौन कह रहा है कि हमारी चली नहीं। जब आपकी नहीं चली तो आप पद पर बैठे हुए बिसलेरी का पानी क्यों पीते रहे? पद छोड़कर जनता के बीच क्यों नहीं पहुंचे? ऐसे पापों का कोई स्पष्टीकरण नहीं होता या तो प्रायश्चित या दंड!
जिंदगी की कीमत दो लाख रुपए नहीं होती क्योंकि उनके परिजन जीवन भर दुःख में डूबे रहते हैं। इस पाप का घोर प्रायश्चित करना होगा, पीडितजनों से माफी मांगनी होगी और नीचे से लेकर ऊपर तक जो भी अपराधी हैं उन्हें अधिकतम दंड देना होगा। यह मोहन यादव जी की परीक्षा की घड़ी है।
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मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने ट्वीट किया, “…मैंने इंदौर नगर निगम कमिश्नर और एडिशनल कमिश्नर को इस संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी करने, एडिशनल कमिश्नर को तुरंत इंदौर से हटाने और इंचार्ज सुपरिटेंडिंग इंजीनियर को जल वितरण कार्य विभाग के चार्ज से मुक्त करने के निर्देश दिए हैं। मैंने यह भी निर्देश दिए हैं कि इंदौर नगर निगम में ज़रूरी पदों को अभी से तुरंत भरा जाए।