मंदसौर सांसद सुधीर गुप्ता ने टीएनसीपी अधिकारी विनीता दर्श्यामकर को जमकर फटकार लगाई। सांसद ने ऐसा क्यों कहा कि अरेस्ट होने लायक हों। यहां पढ़े पुरी खबर…मंदसौर मास्टर प्लान 2041 कि बैठक में ये उपस्थित थें।
मंदसौर। मंदसौर मास्टर प्लान 2041 के माध्यम से जिले के समग्र एवं सुनियोजित विकास को व्यवहारिक आकार प्रदान करने पर विस्तृत चर्चा की गई।
सांसद सुधीर गुपता नेअधिकारियों को निर्देश दिए गए कि मास्टर प्लान में जनसंख्या निर्धारण के आधार, प्रति हेक्टेयर जनसंख्या घनत्व, तथा विकास कार्यों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए योजनाएं तैयार की जाएं।
8 नवंबर 2025 शनिवार को सुशासन भवन में मास्टर प्लान को लेकर हुई समिति की बैठक में सांसद सुधीर गुप्ता ने टीएनसीपी अधिकारी विनीता दर्श्यामकर को जमकर फटकार लगाई। सांसद ने कहा कि अरेस्ट होने लायक हों। सरकार आपको शानदार वेतन दे रही है, और गालियां हम खाए। आपने तो लाइने खींचकर मास्टर प्लान तैयार कर दिया है। हम ने जनता को क्या जवाब दें। आम आदमी रात में सो नहीं पा रहा है। आपने ऑफिस में बैठकर लाइन खींच दी, लेकिन उस लाइन में जिरका मकान आ रहा है, उससे पूछों उस पर क्या बीत रही है। में किसी शहरवासी का मकान नहीं टूटने दूंगा। मेरे पास प्रारूप पर हस्ताक्षर करवाने आना भी मत, न क्योंकि मैं करूंगा भी नहीं, पहले मेरे सवारों के मुझे चाहिए? जवाब के बाद से मंदसौर मीडिया लगातार प्रकाशित कर रहा है। अब एक-एक कर सभी जनप्रतिनिधी भी इन्हीं विसंगति पर मुखर हो रहे है।
बैठक के दौरान सांसद गुप्ता ने मास्टर प्लान में विसंगतियों को लेकर नौ पेज का पत्र टीएनसीपी अधिकारी और कलेक्टर को सौंपा। इसमें पूछा कि किन-किन अधिकारियों और विभागों के साथ बैठक कर प्रारूप तैयार किया। को शामिल करने के लिए पंचायत और साथ कब बैठक की?
प्रारूप में शहर में डेढ़ किमी तक के गांव को जो शहर से बिल्कुल लगे हैं उन्हें छोड़कर 7 किमी तक विभाग का जाना और उन्हें शहर की प्लानिंग शामिल करना समझ से परे है। में वर्तमान स्थिति में 3500 एकड़ जमीन में नपा की सीमा है। इसमें 1800 एकड़ पर शहर बसा है। बाकी जमीन अनुपयोगी कैसे मानी? और इसका लिखित और तथ्यात्मक प्राणहिटीन ने मास्टर पवान बनाते समय किन या विभाग की स्वीकृक्ति प्राप्त की, ये भी बताएं? बैठक में टीएनसी के संयुक्त संचालक विष्णु खरे भी ऑन लाईन जुड़े हुए थे। सांसद गुप्ता ने इनसे भी सवाल किए, लेकिन जवाब वो भी नहीं दे पाएं।
सांसद ने एक के बाद एक दागे सवाल
सांसद गुप्ता ने कहा कि भारत सरकार ने जनसंख्या को लेकर जो चार फॉर्मूले तय किए है तो फिर आप पांचवा कहा से निकालकर लाए है। इस पर मेरी घोर आपत्ति है। आपकी गलतियों को शहर पर मत लादो। लोकतांत्रिक व्यवस्था में शहर के विकास के लिए आप लोगों से ज्यादा मेरे पास अधिकार है। आप मूझे मत समझाओ। पिछली बैठक में जनप्रतिनिधियों से लेकर लोगों ने जो सूझाव दिए थे, वह किसने नोट किए थे? उनका क्या हुआ। आपको यह बताना होगा कि रिजेक्ट जमीनो के आधार वाले पॉइंट क्या है। मास्टर प्लान तैयार करने में जो दस्तावेजों की मदद ली वह सब भी मुझे उपलब्ध करवाओं?
सांसद गुप्ता ने एक-एक कर सवालों की बौछार कर जब टीएनसीपी अधिकारी को लताड़ना शुरू किया तो भला राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर भी मैदान में आ गए। उन्होंने भी नपा द्वारा जून में लिखी चिट्ठी का हवाला देकर मास्टर प्लान में कुछ विसंगति बताकर अपना मौन तोड़ा। गुर्जर बोले कि कालाभाटा बांध के पास उद्यान की जमीन को आवासीय कर दिया। नरसिंहपुरा में आबादी क्षेत्र की जमीन को मिश्रित या आवासीय करने की बात भी उठाई। जहां आबादी है वहां एमआर नहीं डालने का मुद्दा उठाया।
कोई उंगली उठे मैं नही चाहता
50 वर्षों से नगर पालिका में मेरी पार्टी जनता के दिलों में बैठी हुई है। मैं नहीं चाहूंगा कि कोई उंगली मेरी पार्टी पर उठें। इसलिए बोलता हूं कि नियम से चलो। आप नहीं चल सको तो सारी शक्तियां तो आपके पास है।
शहर में सांसद रहता है
सांसद गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस नेता मनजीतसिंह मनी ने धरना प्रदर्शन में कहा कि शहर में सांसद भी रहते है कहां है? इसलिए आज में आया हूं। बैठक में भी कहा कि सांसद यहीं पैदा हुआ है।
ये भी थे मौजूद
बैठक के दौरान नपाध्यक्ष श्रीमति रमादेवी बंशीलाल गुर्जर, विधायक विपिन जैन, टीएनसीपी अधिकारी विनीता दर्श्यामकर दर्श्यांकर तथा नपा, हाऊसिंग बोर्ड, एमपीईबी, लोकनिर्माण विभाग से लेकर अन्य विभागों के कर्मचारी मौजूद थे। Copy@mandsaur Parbhat