भोपाल। मध्यप्रदेश, उज्जैन लोकायुक्त ने रतलाम जिले की सैलाना तहसील के सकरावदा गांव के रहने वाले आवेदक विजय सिंह राठौर ने शिकायत की थी। शिकायतकर्ता को उसके गांव में कीटनाशक और खाद-बीज की दुकान खोलना है, जिसके लाइसेंस के लिए उसने मई में लोकसेवा केंद्र के माध्यम से आवेदन किया था। जुलाई में उसे लाइसेंस बनने का मैसेज मोबाइल पर मिल गया था। तीनों लाइसेंस की असल कॉपी लेने के लिए वह कृषि विस्तार अधिकारी सैलाना मगन लाल मेडा से मिला। तीनों लाइसेंस की असल कॉपी देने के लिए 30 हजार रुपए रिश्वत की मांग की गई। आवेदक के निवेदन पर लाइसेंस हेतु मगन लाल मेडा 25 हजार रिश्वत लेने पर राजी हुए।
कृषि विस्तार अधिकारी मगन लाल मेडा ने आवेदक से 15 हजार रुपए ले लिए थे। लोकायुक्त टीम ने शिकायत की जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर गुरूवार 28 अगस्त को आवेदक विजय सिंह को रिश्वत के बाकी 10 हजार रूपये देने के लिए कृषि विस्तार अधिकारी मगन लाल ने रिश्वत देने के लिए उसे अपने दफ्तर में बुलाया और जैसे ही रिश्वत के रूपये लिए तो वहां मौजूद लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगेहाथों पकड़ लिया।
लोकायुक्त टीम मे निरीक्षक राजेन्द्र वर्मा, प्रधान आरक्षक कन्हैया, हितेश लालावत, आरक्षक विशाल रैशमीया, नेहा मिश्रा, निरज राठौर शामिल रहे इनकी कार्यवाही सराहनिय रही।