ब्रेकिंग
अप्रैल 2026 से घरेलू उपभोक्ता (150-300 यूनिट मासिक खपत) के बिल में 150-300 रुपये प्रतिमाह और सालाना ... एक गैस सिलेंडर ब्लैक में 1800 रू में देने वाली मंदसौर की द्वारका इण्डेन गैस एजेंसी सील, भृष्ट संचालक... मंदसौर पुलिस, थाना नारायणगढ़ द्वारा तरबुज की ट्रक से कुल 85 किलो डोडाचूरा जप्त, अन्तर्राज्यीय तस्कर क... म.प्र. नदियों का मायका, प्रदेश में 19 मार्च से शुरू होगा जल गंगा संवर्धन अभियान-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन... अफीम डोड़े मुखिया की निगरानी में तुड़वाने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू होगी-राज्यसभा सदस्य श्री गुर्जर, डीए... पोस्टमार्टम रूम के बाहर 20×30 फीट का विशाल शेड बनाया, रेडक्रॉस सोसाइटी नरसिंहगढ़ के अध्यक्ष एवं अनुवि... बस्तर जिला प्रशासन ने एलपीजी गैस की कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए बड़ी संख्या म... बिना वैध लाइसेंस के पशु मांस और मछली की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक, उल्लंघन पर धारा 223 के तहत द... डीजीपी इलेवन ने जिला पुलिस बल भोपाल को 121 रनों से पराजित कर खिताब अपने नाम किया। डीजीपी इलेवन टीम न... युवा वकीलों को वरिष्ठों के मार्गदर्शन में समय बिताना चाहिए, न कि केवल प्रचार पाने के लिए अदालत का सम...

ऐशबाग थाना इलाके में स्थित एक बिल्डिंग में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर के भंडाफोड़ मामले में तीसरे आरोपी पुलिसकर्मी को कोर्ट ने जमानत दी

भोपाल। राजधानी भोपाल के ऐशबाग थाना इलाके में स्थित एक बिल्डिंग में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर के भंडाफोड़ मामले में तीसरे आरोपी पुलिसकर्मी को भी कोर्ट ने जमानत दे दी है। आरोपी पुलिस कर्मियों पर फर्जी कॉल सेंटर के आरोपियों को बचाने के लिए रिश्वत लेने के आरोप लगे है।मामले में गुरुवार को विशेष न्यायधीश आरपी मिश्रा की कोर्ट ने आरोपी एएसआई मनोज सिंह को जमानत दे दी है। आरोपी को समानता के अधिकार का लाभ दिया गया है। कोर्ट ने आदेश में लिखा कि मामले के अन्य आरोपी टीआई जीतेंद्र गढ़वाल और प्रधान आरक्षक धर्मेंद्र सिंह को पूर्व में इस केस में जमानत दी जा चुकी है। इन दोनों आरोपियों पर भी समान आरोप थे, जो मनोज पर हैं। लिहाजा समानता के अधिकार के तहत 50 हजार रुपए के बॉन्ड पर मनोज को जमानत दी जाती है। वहीं केस का मुख्य आरोपी एएसआई पवन रघुवंशी, रिश्वत कांड का बिचौलिया पार्षद अंशुल जैन और रिश्वत भेजने वाला मोइन खान फरार है। एसआईटी की टीम तीनों की तलाश कर रही है। रिश्वत कांड के मुख्य आरोपी पुलिसकर्मी पवन रघुवंशी द्वारा पुलिस को दिए बयानों के मुताबिक, मामले में मुख्य आरोपी अफजल खान के साले मोइन खान, उसके भाई वसीम खान और अफजल की पत्नी जाहिदा को आरोपी न बनाने के लिए रिश्वत मांगी गई थी। टीआई जितेंद्र गढ़वाल के कहने पर पवन और साथी एएसआई मनोज सिंह, प्रधान आरक्षक धर्मेद्र सिंह ने पूरी डील की थी। रिश्वत की पहली किश्त के तौर पर 4.94 लाख रुपए 5 मार्च को पवन ने अपने घर पर फरार पार्षद अंशुल उर्फ मोना जैन से लिए थे। जानकारी लगने पर एसीपी सुरभी मीणा ने टीम के साथ पवन के घर पर रेड मारकर इस रकम को जप्त किया था। @EMS

Leave A Reply

Your email address will not be published.