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विधायक पद के अभ्यर्थियों को अपने अपराधिक रिकार्ड समाचार पत्रों में प्रकाशित करने होंगे

भोपाल। विधानसभा निर्वाचन 2023 के लिए नामांकन फार्म दाखिल करने वाले अभ्यर्थियों को अपने आपराधिक रिकॉर्ड को उजागर करने होंगे। इसके लिए उन्हें 3 समाचार पत्रों एवं 3 टीवी चैनलों में अपने अपराधिक रिकार्ड को प्रकाशित एवं प्रसारित करवाना होगा। यह प्रकाशन 3 नवंबर से 15 अक्टूबर तक प्रकाशित करने होंगे।  अगर किसी समाचार में पैड न्यूज़ पाई जाती है। तो 96 घंटे के भीतर उम्मीदवार को नोटिस आरओ द्वारा जारी किया जाएगा। नोटिस जारी करने के पश्चात उम्मीदवार को 48 घंटे के अंदर अपना जवाब प्रस्तुत करना होगा। पैड न्यूज मामले के निर्णय प्रेस काउंसिल आफ इंडिया एवं नेशनल ब्रॉडकास्टिंग स्टैंडर्ड अथॉरिटी द्वारा किए जाते हैं।

इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को प्रमाणन की आवश्यकता होगी। वहीं प्रिंट मीडिया को चुनाव के 48 घंटे पूर्व प्रमाणीकरण की आवश्यकता होगी। उम्मीदवार को नामांकन दाखिल करते समय अपनी सोशल मीडिया अकाउंट्स के बारे में जानकारी प्रदान करनी होगी। विज्ञापनों पर प्रकाशक मुद्रक का नाम होना अनिवार्य है। प्रकाशक मुद्रक का नाम न होने पर आरपी एक्ट 1951 के तहत कानूनी कार्यवाही की जाएगी। बिना प्रमाणीकरण के विज्ञापन प्रकाशित एवं प्रसारित करने पर केबल टेलीविजन नेटवर्क अधिनियम 1995 की धारा 12 के तहत उपकरण जप्त किए जा सकते हैं। प्रिंट मीडिया अभ्यर्थी की अनुमति के बगैर विज्ञापन प्रकाशित नहीं कर सकता। भारतीय दंड संहिता की धारा 171 एच के अनुसार चुनाव लड़ने वाले व्यक्ति की अनुमति के बिना विज्ञापनों पर किया जाने वाला में व्यय निषेध माना गया है। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को मतदान के आखरी 48 घंटे की अवधि के दौरान किसी भी प्रकार का चुनाव प्रचार नहीं करना है। आरपी अधिनियम 1951 की धारा 126 के तहत यह एक कानूनी अपराध है।

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