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झोलाछाप डाक्टर जेल पहुंचा, आयोग के हस्तक्षेप पर पुलिस ने झोलाछाप डाक्टर का क्लीनिक सील किया

भोपाल। मप्र मानव अधिकार आयोग के हस्तक्षेप पर सागर जिले के एक झोलाछाप डाक्टर को सख्त सजा मिली। झोलाछाप डाक्टर अब जेल में हैं और उसका क्लीनिक भी सील कर दिया गया है। सीएमएचओ, सागर ने आयोग को इस आशय का प्रतिवेदन दिया है। आयोग के ’प्रक्र 2988/सागर/2023 में’ सीएमएचओ, सागर द्वारा दिये गये प्रतिवेदन के अनुसार झोलाछाप डाक्टर समीर विश्वास पर थाना देवरी में मर्ग क्रमांक 29/23, सीआरपीसी की धारा 174 का मामला दर्जकर जांच में लिया गया। चूंकि ईलाज के लिये आये मरीज की मृत्यु हो गई थी, इसलिये आरोपी डाक्टर पर थाना देवरी में ही अपराध क्रमांक 210/23, आईपीसी की धारा 304 एवं 24 मप्र राज्य आर्युविज्ञान परिचालन एक्ट दर्जकर विवेचना में लिया गया। विवेचना में डाक्टर समीर विश्वास दोषी पाये गये, उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है एवं पुलिस द्वारा उसका क्लीनिक सील बंद कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि मप्र मानव अधिकार आयोग द्वारा एक दैनिक समाचार पत्र में ‘‘हाईवे पर शव रखकर ग्रामीणों ने लगाया जाम’’ शीर्षक से प्रकाशित खबर पर 28 अप्रैल 2023 को स्व संज्ञान लिया था। खबर के अनुसार सागर जिले के देवरी क्षेत्र में एक झोलाछाप डॉक्टर के गलत इलाज और गलत इंजेक्शन लगाने से एक मरीज की मौत हो गई। घटना से गुस्साये मृतक के परिजनों एवं क्षेत्रीय ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर शव रखकर भारी जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने क्षेत्र में डॉक्टर्स की कमी और बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के लिये सरकार के खिलाफ नाराजगी व्यक्त कर नारेबाजी की। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर एवं सीएमएचओ, सागर से जांच कराकर ऐसे अनाधिकृत झोलाछाप डॉक्टर के विरूद्ध की गई कार्यवाही के संबंध में जवाब मांगा था। चूंकि झोलाछाप डाक्टर पर सख्त दंडात्मक कार्यवाही हो चुकी है, अतः आयोग में यह मामला अब समाप्त कर दिया गया है।

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