ब्रेकिंग
आगर-मालवा में पटवारी 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार स्मार्ट मीटरों से बढ़े बिलों पर मंदसौर शहर में भड़का जनाक्रोश, नागरिकों ने दी आंदोलन की चेतावनी राज्यसभा चुनाव: भाजपा ने फिर चौंकाया, संगठन के सिपाही रजनीश अग्रवाल को बनाया उम्मीदवार कांग्रेस पार्टी ने मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाया : संक्षिप्त परिचय भोपाल में आंधी-अंधड़ से चरमराई बिजली व्यवस्था, बहाली के लिए युद्ध स्तर पर जुटी टीमें मध्य प्रदेश के भोपाल-ग्वालियर समेत 40 जिलों में होगी झमाझम बारिश महिला किसान की जमीन के नामांतरण के बदले रिश्वत लेते पटवारी रंगे हाथ गिरफ्तार, लोकायुक्त की कार्रवाई "मंदसौर वन विभाग में लोकायुक्त का शिकंजा: 3 हजार की रिश्वत लेते स्थापना शाखा प्रभारी रंगे हाथ गिरफ्त... प्रधानमंत्री ने वर्ष 2022 तक हर व्यक्ति को पक्का घर उपलब्ध कराने का वादा किया था, लेकिन आज भी बड़ी सं... ‘जल मंदिर का शुभारंभ, विश्व तंबाकू नियंत्रण दिवस मनाया, मंदसौर कलेक्टर की समीक्षा बेठक सम्पन्न

होली से एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता, इस साल पूर्णिमा तिथि दो दिन। देखे होलिका दहन के लिए शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, इस साल पूर्णिमा तिथि दो दिन होने के कारण होलिका दहन की तिथि को लेकर काफी समस्या उत्पन्न मानी जा रही है। होली से एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता है। इस बार होली का पर्व 8 मार्च को मनाया जा रहा और इससे एक दिन पहले यानी सात मार्च को होलिका दहन होगा। होलिका दहन की परंपरा आदि काल से चली आ रही है। कहते है, एक समय हिरणकश्यप नाम का असुर था। वह चाहता था कि सब लोग उसे भगवान मानें, लेकिन उसका पुत्र भक्त प्रह्लाद भगवान विष्णु का परम भक्त था। जो हिरणकश्यप को पसंद नहीं था। असुर की बहन होलिका को वरदान था कि वह अग्नि में नहीं जल सकती, हिरणकश्यप ने अपने पुत्र प्रह्लाद को मारने की इच्छा से होलिका को प्रह्लाद के साथ अग्निकुंड में बैठने को कहा लेकिन प्रह्लाद की भक्ति में इतनी शक्ति थी कि उस अग्नि में होलिका जल गई और प्रह्लाद बच गए। होलिका दहन का शुभ मुहूर्त 7 मार्च को शाम 6 बजकर 24 मिनट से 8 बजकर 51 मिनट तक है। यानि होलिका दहन के लिए 2 घंटे 27 मिनट का समय है। इसके साथ ही भद्रा काल का मुहूर्त 6 मार्च 2023 को शाम 4 बजकर 48 मिनट से शुरु होगा और 7 मार्च 2023 को सुबह 5 बजकर 14 मिनट तक रहेगा। इसके बाद ही होलिका दहन के लिए शुभ मुहूर्त शुरू होगा। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि प्रदोष व्यापिनी भद्रा रहित पूर्णिमा में होलिका दहन होता है. पूर्णिमा सोमवार शाम 4.18 से शुरू होकर मंगलवार शाम 6.10 बजे तक रहने से प्रदोष व्यापिनी फाल्गुनी पूर्णिमा सोमवार को संपूर्ण भारत में विद्यमान रहेगी. जबकि पूर्वी भारत के कुछ राज्यों में पूर्णिमा 2 दिन प्रदोष व्यापिनी रहेगी। पंचांग के अनुसार, इस साल पूर्णिमा तिथि दो दिन होने के कारण होलिका दहन कई जगहों पर 6 को तो कई जगहों पर 7 मार्च को होलिका दहन किया जा रहा है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.