सेवा संकल्प यात्रा का उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने किया स्वागत, दलौदा-धुंधड़का में जनप्रतिनिधियों और यात्रियों ने संजा माता की आरती में लिया भाग, यात्रियों का किया सम्मान
भोपाल/ मंदसौर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित वाराणसी-वडनगर जल, जन एवं सेवा संकल्प यात्रा के दलौदा (धुंधड़का) पहुंचने पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने यात्रा का स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और यात्रा में शामिल दल ने संजा माता की आरती में सहभागिता की तथा संजा माता का पूजन किया।
कार्यक्रम में सांसद सुधीर गुप्ता, जिला योजना समिति सदस्य राजेश दीक्षित, विनय जांगिड़, राजेश धाकड़, अनिल कियावत, नानालाल अटोलिया, धीरज पाटीदार, हितेश शुक्ला, कलेक्टर दिव्यांक सिंह, जिला पंचायत सीईओ अनुकूल जैन, एसडीएम शुभम पाटीदार, तहसीलदार रमेश मसारे सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
उपमुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश में निर्माण एवं विकास के बड़े कार्य हुए हैं। प्रधानमंत्री ने आगामी 25 वर्षों के लिए देश का रोडमैप तैयार किया है। उन्होंने आवास, आयुष्मान कार्ड, गरीब परिवारों के लिए रसोई गैस, जल जीवन मिशन, सड़क, बिजली और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए कार्यों का उल्लेख किया।
देवड़ा ने कहा कि वाराणसी से वडनगर तक निकली सेवा संकल्प यात्रा ने लोगों में उत्साह और उमंग का संचार किया है। भारतीय संस्कृति में यात्राओं का विशेष महत्व है। उन्होंने यात्रा में शामिल यात्रियों का स्वागत करते हुए उनके प्रयासों की सराहना की। साथ ही संजा माता आरती एवं पूजन आयोजन की भी प्रशंसा की।
सांसद सुधीर गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने प्रगति के नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने सेवा संकल्प यात्रा में शामिल यात्रियों को शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में राजेश दीक्षित ने आगामी दिनों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी दी। विनय जांगिड़ एवं राजेश धाकड़ ने भी संबोधित किया। यात्रा में शामिल वाराणसी के राजवीर सिंह एवं ओम तिवारी ने भी अपने विचार रखे। पंकज यादव ने संजा माता आरती एवं पूजन के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के दौरान सेवा संकल्प यात्रा में शामिल यात्रियों को भगवान श्री पशुपतिनाथ की प्रतिमा, प्रसाद एवं दुपट्टा भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके बाद यात्रा दल ने दलौदा (धुंधड़का) में विश्राम किया।