मंदसौर मे दो न्यायाधीशों की कार्यशैली के विरोध में अभिभाषक अपने कार्य से गुरूवार को विरक्त रहे, आगे कार्यशैली मे सुधार नही हुआ तो बहिष्कार करने का निर्याय
मंदसौर। मध्यप्रदेश, मंदसौर जिला अभिभाषक संघ मंदसौर ने विशेष न्यायाधीश मनोज तिवारी एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अतुल बिल्लोरे की कार्यशैली, आचरण एवं व्यवहार को लेकर असंतोष जताते हुए विरोध दर्ज कराया है। संघ ने इस संबंध में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश को पत्र सौंपकर अपनी आपत्ति से भी अवगत कराया है। लेकिन संघ के अनुसार, दोनों न्यायाधीशों की कार्यशैली एवं व्यवहार को लेकर अधिवक्ताओं में असंतोष है। संघ पदाधिकारियों का कहना है कि इस संबंध में पूर्व में दोनों न्यायाधीशों से चर्चा कर स्थिति में सुधार का अनुरोध किया गया था, लेकिन संघ के अनुसार अपेक्षित परिवर्तन नहीं हुआ।
संघ के पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि संघ पदाधिकारियों ने संबंधित न्यायाधीशों से संपर्क कर अपनी बात रखी थी। संघ का दावा है कि चर्चा के दौरान न्यायाधीशों द्वारा अपनी कार्यशैली में परिवर्तन नहीं किए जाने की बात कही गई। संघ के पत्र में एक अधिवक्ता एवं संघ पदाधिकारियों के साथ हुई कथित चर्चा का भी उल्लेख किया गया है।
जिला अभिभाषक संघ ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अधिवक्ताओं में आक्रोश है। इसी के चलते संघ के समस्त अधिवक्ताओं ने 1 अक्टूबर 2026 को कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया और आज पुरे दिन न्यायालयाीन कार्य से अधिवक्ता विरोध स्वरूप विरक्त रहे से है।
जिला अभिभाषक संघ के सचिव प्रविण कुमार जैन ने बताया कि संघ ने अपने पत्र के माध्यम से प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश को पूरे मामले की सूचना दी है कि संघ द्वारा जारी पत्र के अनुसार, 5 अक्टूबर से 9 अक्टूबर 2026 तक दोनों न्यायाधीशों के न्यायालयों का बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया है। संघ ने यह भी कहा है कि यदि इसके बाद भी स्थिति में सुधार नहीं होता है तो साधारण सभा बुलाकर आगे की रणनीति तय की जाएगी और सभा द्वारा लिए गए निर्णय से मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को अवगत कराया जाएगा।
