मंदसौर के तत्कालीन जिला ग्राम उद्योग विस्तार अधिकारी शर्मा को 12 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकडा, कोर्ट ने 4 वर्ष की सुनाई सजा
Madhya Pardesh/मंदसौर। विशेष न्यायाधीश, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम मंदसौर द्वारा आरोपी जगदीश शर्मा तत्कालीन ग्रामोद्योग विस्तार अधिकारी, जिला हथकरघा कार्यालय मंदसौर को 12 हजार रूपये रिश्वत लेने के आरोप में दोषी पाते हुए 4 वर्ष की सजा एवं 10000 रूपये जुर्माना से दण्डित किया गया।
अभियोजन मीडिया प्रभारी सहायक जिला अभियोजन अधिकारी बलराम सौलंकी द्वारा बताया कि आवेदक आसिफ पिता वली मोहम्मद निवासी ग्राम सेमली थाना नई आबादी मंदसौर, जिला मंदसौर ने 1 मार्च .2019 को आरोपी जगदीश शर्मा, जिला ग्राम उद्योग विस्तार अधिकारी, जिला हथकरघा कार्यालय मंदसौर के विरूद्ध 20 हजार रूपये रिश्वत की राशि मांग करने की लिखित शिकायत लोकायुक्त कार्यालय उज्जैन में की थी, आवेदक के बडे भाई आरिफ ने आठ माह पूर्व तरापा (सेंटिंग) के लोन के लिये जिला हथकरघा कार्यालय मंदसौर में आवेदन किया था। करीब पांच माह पूर्व जिला हथ करघा कार्यालय मंदसौर से तरापा (सेंटिंग) के लिये पांच लाख पैंतीस हजार रूपये लोन पास होकर फाईल पंजाब नेशनल बैंक- घंटानगर मंदसौर में लोन के लिये आ गई थी। जिसमें जिला हथकरघा कार्यालय की सरकारी सब्सिडी के 1 लाख 59 हजार रूपये भी शामिल है, सरकारी सब्सिीडी आरोपी जगदीश शर्मा, नहीं दे रहा है, जिस कारण बैंक से लोन पास नहीं हो पा रहा था तथा सब्सिडी बैंक खाते में डालने के लिये तत्कालीन जिला ग्राम उद्योग विस्तार अधिकारी जगदीश शर्मा ने आवेदक आसिफ के भाई आरिफ से 20 हजार रूपये रिश्वत की मांग की थी।
सब्सिडी की राशि डालने हेतु 12 हजार रूपये में तत्कालीन जिला ग्राम उद्योग विस्तार अधिकारी जगदीश शर्मा सहमत हो गया था। किंतु आवेदक उक्त राशि आरोपी को नहीं देना चाहता था और उसे रंगे हाथ पकडवाना चाहता था, आवेदक की शिकायत पर से लोकायुक्त पुलिस द्वारा 26.03.2019 को आरोपी जगदीश शर्मा को 12,000 रूपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकडा था। लोकायुक्त द्वारा प्रकरण में संपूर्ण विवेचना की जाकर माननीय न्यायालय में अभियोग पत्र पेश किया गया था। लोकायुक्त की ओर से प्रकरण का संचालन गजराज सिंह चौहान, सहायक निदेशक अभियोजन विशेष लोक अभियोजक द्वारा किया गया।