ब्रेकिंग
अफीम डोड़े मुखिया की निगरानी में तुड़वाने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू होगी-राज्यसभा सदस्य श्री गुर्जर, डीए... पोस्टमार्टम रूम के बाहर 20×30 फीट का विशाल शेड बनाया, रेडक्रॉस सोसाइटी नरसिंहगढ़ के अध्यक्ष एवं अनुवि... बस्तर जिला प्रशासन ने एलपीजी गैस की कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए बड़ी संख्या म... बिना वैध लाइसेंस के पशु मांस और मछली की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक, उल्लंघन पर धारा 223 के तहत द... डीजीपी इलेवन ने जिला पुलिस बल भोपाल को 121 रनों से पराजित कर खिताब अपने नाम किया। डीजीपी इलेवन टीम न... युवा वकीलों को वरिष्ठों के मार्गदर्शन में समय बिताना चाहिए, न कि केवल प्रचार पाने के लिए अदालत का सम... बीजेपी के पूर्व मंत्री श्री रावत विजयपुर से विधायक बने, एमपी हाईकोर्ट का बड़ा फैसला श्योपुर जिले के व... प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सड़कों के निर्माण एवं प्रगति की समीक्षा, राजगढ़ जिला पंचायत की... बच्चों की सुरक्षा और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को लेकर जारी बहस के बीच केंद्र सरकार ने अपना रुख स्प... भारतीय क्रिकेट टीम टी20 विश्व कप 2026 की चैंपियन बन चुकी है।

मंदसौर जिला मे पटवारीयों की लापरवाही उजागर पर वेतन राकेने एवं अतिक्रमण हटानें के SDM को निर्देश, कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग की अध्यक्षता में सभी राजस्व अधिकारियों की बैठक सुशासन भवन सभागृह में ली गई

Madhya Pardesh// मंदसौर। शासन द्वारा चलाई जा रही स्वामित्व योजना अंतर्गत बेहतर कार्य नहीं करने पर खिलचीपुरा, बड़वन, रिंडा, रठाना, भाटरवास, फतेहगढ़, दलौदा चौपाटी, अजीज खेड़ी, राजाखेड़ी, रेवास-देवड़ा के पटवारी के वेतन रोकने की निर्देश दिए गए। सभी एसडीएम को निर्देश दिए की शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटवाने की कार्यवाही में किसी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग की अध्यक्षता में सभी राजस्व अधिकारियों की बैठक सुशासन भवन सभागृह में आयोजित की गई। बैठक के दौरान कलेक्टर ने सभी एसडीएम एवं कृषि विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि, खाद को लेकर किसी प्रकार की कालाबाजारी न हो। कालाबाजारी की शिकायत होने पर तुरंत कार्यवाही करें। नकली खाद और नकली बीज के संबंध में लगातार जांच करें। कितनी खाद की रैंक आ रही है इसकी भी जानकारी रखें। साथ ही सोसायटी एवं नगद विक्रय खाद वितरण केंद्रों का निरीक्षण करें। खाद को लेकर किसानों को किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। इस दौरान अपर कलेक्टर श्रीमती एकता जायसवाल, जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार मौजूद थे। स्वामित्व योजना अंतर्गत बेहतर कार्य नहीं करने पर खिलचीपुरा, बड़वन, रिंडा, रठाना, भाटरवास, फतेहगढ़, दलौदा चौपाटी, अजीज खेड़ी, राजाखेड़ी, रेवास-देवड़ा के पटवारी के वेतन रोकने की निर्देश दिए गए। सभी एसडीएम को निर्देश दिए की शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटवाने की कार्यवाही में किसी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उद्योग हेतु भूमि चयन की कार्यवाहियां समय पर पूर्ण करें। शासकीय भवनों के निर्माण के लिए भी भूमि चिन्हित करें। भूमि आवंटन के मामले को लंबित रखने पर एसडीएम पर सीधी कार्यवाही होगी। ाजस्व महाअभियान 3.0 में जितने भी पुराने नामांतरण, बंटवारा, रिकार्ड सुधार, सीमांकन, परंपरागत रास्तो का चिन्हाकन के प्रकरण निर्धारित समय सीमा में निराकरण करें। पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों का भी समय पर निराकरण करें। लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निराकरण करें। जिले के सभी एसडीएम को निर्देश देते हुए कहा कि पीएम किसान कल्याण योजना अंतर्गत किसान के आधार लिंक के शेष बचे किसानों के जल्द लिंक करें। साथ ही उनकी फार्मर आईडी बनाएं। कोई भी किसान शेष न रहे इस बात का विशेष ध्यान रखें। बैठक के दौरान उन्होने कहा कि आरसीएमएस पोर्टल पर सीमांकन, अविवादित नामांतरण, विवादित नामांतरण, अविवादित बंटवारा के आवेदनों का समय सीमा में निराकरण करें।
——————————————————————-

 

शासन की क्या है स्वामीत्व योजना पढैं-

स्वामित्व योजना ग्रामीण इलाकों में आवासीय संपत्ति का मालिकाना

शासन द्वारा स्वामित्व योजना, ग्रामीण इलाकों में आवासीय संपत्ति का मालिकाना हक दिलाने के लिए शुरू की गई, यह एक केंद्रीय योजना है। इस योजना के तहत, ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को उनकी संपत्ति का वैध दस्तावेज़ दिया जाता है, इस योजना के कुछ प्रमुख उद्देश्य ये हैंः- ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को अपनी संपत्ति को वित्तीय परिसंपत्ति के रूप में इस्तेमाल करने में सक्षम बनाना। ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को ऋण और अन्य वित्तीय लाभ पाने में मदद करना। ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को संपत्ति कर का भुगतान कराना। ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच संपत्ति से जुड़े विवादों को कम करना। ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए सटीक भूमि अभिलेख तैयार करना। ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए जीआईएस नक्शे तैयार करना। स्वामित्व योजना के तहत, ड्रोन सर्वेक्षण तकनीक का इस्तेमाल करके ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों की संपत्ति का सर्वेक्षण किया जाता है. इस सर्वे के बाद, लोगों को उनकी संपत्ति का वैध दस्तावेज़ दिया जाता है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.